चोर ने मचाया था 

शोर, लगा के जोर

कि मैं चौकीदार हूं

इतना सुनना था  

कि लग गई लाइन 

चौकीदारों की 

पीएम चौकीदार 

सीएम चौकीदार 

एमपी चौकीदार 

एमएलए चौकीदार 

मंत्री चौकीदार 

संतरी चौकीदार 

छुटभैए चौकीदार 

चोर भी चौकीदार 

भांति-भांति के चौकीदारों ने 

डीपी में चेंप लिया था

मैं भी चौकीदार।


चोर ने मचाया था 

शोर, लगा के जोर

कि मैं चौकीदार हूं

इतना सुनते ही

मुल्क में आ गई थी

सैलाब चौकीदारों की

जनता आश्वस्त थी

मंदिर, मठ, भगवान

दान-पेटी और चढ़ावा 

जन, धन, राष्ट्र सब

हैं सुरक्षित हाथों में 

खाऊंगा न खाने दूंगा 

का लगाया था नारा

वही हाथ सने हैं आज

चंदा चोरी के पाप में 

राम के अभिशाप में 

भक्तजन आज मौन हैं 

चौकीदार भी चुप है 

चोर, चौकीदार सब एक है।

 © संतोष सारंग